भारत में पाए जाने वाले भूत-Ghosts from Indian Folklore and Mythology
भारत एक ऐसा देश है जहाँ अदृश्य शक्तियों, रहस्यमयी आत्माओं और अकल्पनीय घटनाओं की कहानियाँ सदियों से चली आ रही हैं। पौराणिक कथाओं, धार्मिक ग्रंथों और लोकमान्यताओं में विभिन्न प्रकार के भूतों का वर्णन मिलता है, जो अपने विशिष्ट गुणों और किवदंतियों के कारण लोगों के मन में जिज्ञासा उत्पन्न करते हैं। इस लेख में हम भारत में पाए जाने वाले भूतों की विविध श्रेणियों को गहराई से समझेंगे।
1. भारत में भूत-प्रेतों की अवधारणा
भारतीय संस्कृति में आत्माओं की उपस्थिति को मान्यता दी गई है। ऐसी धारणा है कि कुछ आत्माएँ मृत्यु के बाद भी संसार से मुक्त नहीं हो पातीं और किसी अधूरी इच्छा, प्रतिशोध अथवा असमय निधन के कारण भूत बनकर विचरण करती हैं। इन आत्माओं को संतुष्ट करने के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और तांत्रिक क्रियाएँ की जाती हैं। कई स्थानों को प्रेतबाधित घोषित किया गया है, जहाँ असाधारण घटनाएँ होती रहती हैं।
2. भारत में प्रचलित भूतों के प्रकार
(i) चुड़ैल
चुड़ैल को भारतीय जनमानस में सबसे भयावह आत्माओं में से एक माना जाता है। यह एक मोहक स्त्री के रूप में दृष्टिगत होती है, किन्तु इसके पैरों की बनावट इसे अभिशप्त सिद्ध करती है। कहा जाता है कि यह उन पुरुषों को अपनी शिकार बनाती है, जो स्त्रियों के प्रति अत्याचारपूर्ण व्यवहार करते हैं।
(ii) ब्रह्मराक्षस
ब्रह्मराक्षस वे आत्माएँ होती हैं, जो जीवनकाल में विद्वान ब्राह्मण थे, परंतु किसी शाप या अन्याय के कारण मृत्यु के उपरांत प्रेत योनि में प्रवेश कर गए। ये अत्यंत शक्तिशाली और तांत्रिक विधाओं में निपुण होते हैं तथा सामान्य जनों को भ्रमित करने में सक्षम होते हैं।
(iii) प्रेत
प्रेत वे आत्माएँ होती हैं, जो अपनी अपूर्ण इच्छाओं अथवा अकाल मृत्यु के कारण इस भौतिक संसार में भटकती रहती हैं। ऐसी मान्यता है कि ये मानसिक एवं शारीरिक कष्ट देने में सक्षम होते हैं और कभी-कभी शरीर में वास कर लेते हैं।
(iv) मुंजा और नालायखिन
मुंजा उन अविवाहित ब्राह्मण बालकों की आत्माएँ मानी जाती हैं, जिनकी असमय मृत्यु हो जाती है। ये मंदिरों और पीपल के वृक्षों पर विचरण करते हैं। वहीं, नालायखिन बंगाल और बिहार की लोककथाओं में वर्णित एक भयंकर प्रेतात्मा है, जो गर्भवती स्त्रियों और शिशुओं को लक्षित करती है।
(v) बेताल
बेताल एक अत्यंत रहस्यमयी आत्मा है, जिसे विक्रम-बेताल की कथा में प्रमुखता दी गई है। यह पेड़ों की शाखाओं से उल्टा लटकता रहता है और जटिल प्रश्नों द्वारा मनुष्यों की बुद्धि की परीक्षा लेता है।
3. भारत के कुछ प्रसिद्ध प्रेतबाधित स्थान
(i) भानगढ़ किला, राजस्थान
भारत का सबसे प्रेतबाधित स्थल माने जाने वाले भानगढ़ किले से कई भयानक कहानियाँ जुड़ी हैं। कहा जाता है कि एक तांत्रिक ने यहाँ की राजकुमारी को अपने वशीकरण में लेने की कोशिश की थी, परंतु असफल रहने पर उसने पूरे किले को शापित कर दिया, जिससे यह निर्जन और प्रेतबाधित हो गया।
(ii) डुमास बीच, गुजरात
यह समुद्र तट दिन के समय तो मनोरम दिखाई देता है, लेकिन सूर्यास्त के बाद यहाँ अज्ञात परछाइयाँ और रहस्यमयी ध्वनियाँ सुनाई देने की घटनाएँ प्रचलित हैं। कई लोगों ने यहाँ अलौकिक घटनाओं का अनुभव किया है।
(iii) शनिवार वाड़ा, पुणे
शनिवार वाड़ा किला इतिहास की एक वीभत्स घटना का साक्षी है, जहाँ एक किशोर राजकुमार की निर्मम हत्या कर दी गई थी। कहा जाता है कि आज भी उसकी करुण पुकारें अंधकार में गूंजती हैं।
4. भूत-प्रेतों से बचाव के उपाय
भारतीय परंपरा में नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाव हेतु अनेक धार्मिक और ज्योतिषीय उपाय प्रचलित हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
हनुमान चालीसा का नियमित पाठ
घर के मुख्यद्वार पर नींबू-मिर्च टांगना
तुलसी के पौधे को आंगन में स्थापित करना
पीपल वृक्ष की पूजा करना
घर में गंगा जल का छिड़काव करना
निष्कर्ष
"भारत में पाए जाने वाले भूत" न केवल एक रहस्यमयी विषय है, बल्कि यह भारतीय लोककथाओं, परंपराओं और आस्थाओं का अभिन्न अंग भी है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इन कथाओं की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन ये जनमानस में सदियों से रची-बसी हैं और आज भी कौतूहल एवं भय का विषय बनी हुई हैं।
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